A Divorce Certificate is an official court document that confirms a marriage has legally ended. In India, this document is actually a certified true copy of the Divorce Decree issued by the Family Court.
What It Usually Contains
Full names of both spouses
Name of the court
Date the divorce was granted
Case number and details (if requested)
Important Note The legal order that ends a marriage is called a Divorce Decree. When you ask for a “Divorce Certificate,” the court gives you a certified copy of this decree, which is used as proof of divorce.
2) Why a Divorce Certificate Is Important
A Divorce Certificate is essential because it:
Officially proves you are legally divorced
Is required if you want to remarry (in India or abroad)
Is needed for passport updates, visa and immigration cases
Helps update records with banks, insurance companies, employers, and schools
Is required for property matters, legal name changes, and government documentation
May need attestation or apostille for international use
3) Documents Required to Apply
Mandatory Documents
You will usually need:
Application for Certified Copy
A written request submitted to the Family Court where the divorce was granted
Court Case Details (if available)
Case number and year of divorce
Identity Proof (any one)
Aadhaar Card
Passport
Voter ID or another valid government ID
Original Divorce Decree or Judgment
If you already have a copy
Proof of Entitlement
ID proof showing you are one of the spouses
Affidavit if required by the court
Optional / Additional Documents (If Required)
Some courts or authorities may ask for:
Marriage certificate
Spouse’s ID proof (if available)
Affidavit explaining the purpose of the request
Power of Attorney (if someone else is applying on your behalf)
Address proof
Translated documents (for foreign use)
Extra photocopies of all documents
4) Who Can Apply (Eligibility)
Either spouse involved in the divorce can apply
An authorised representative can apply with proper permission
There is no age limit or medical requirement
Jurisdiction Rule You must apply only at the Family Court that issued the divorce decree.
Important Tip Ensure your name, date of birth, and spelling are exactly the same on:
ID documents
Application form
Court records Mismatches often cause delays.
5) How to Apply for a Divorce Certificate
Divorce Certificates are issued by Family Courts, not municipal offices.
A) Offline Method (Most Common)
This is the most widely used method in Maharashtra.
Step-by-Step Process
Visit the Family Court where your divorce was granted
Go to the court registry section
Provide case number or spouse names and year of divorce
Fill out the certified copy application form
Attach photocopies of required documents
Pay the prescribed court fee
Collect the receipt with the expected collection date
Return on the given date to collect the certified copy
Helpful Tips
Ask specifically for a Certified True Copy of the Divorce Decree and Judgment
Carry both original documents and photocopies
B) Online Method (Where Available)
Some Family Courts offer online services through the eCourts portal.
General Steps
Visit the eCourts portal
Search using case number or party name
Apply for a certified copy (if enabled for your court)
Pay fees online
Download or collect the copy as instructed
Note Not all Family Courts support online applications. Offline application may still be required.
6) What Happens After You Apply?
Court Processing Steps
Verification of your identity and entitlement
Retrieval of the original case file from records
Preparation of the certified copy
Official seal and signature by court authority
Issue of the certified copy
7) Processing Time
Offline applications: Usually 10–30 working days
Online applications: Around 7–21 days (where available)
Older cases may take longer due to file retrieval from archives.
8) Fees (Approximate)
Court fees are generally nominal (often a few hundred rupees)
Online applications may include service or delivery charges
Payment Methods
Cash at court counter
Demand draft (if accepted)
Online payment (where available)
There are no late penalties, but very old records may take extra time.
9) How to Track Your Application
Offline Tracking
Visit the court registry
Show your receipt number and submission date
Online Tracking
Check status on the eCourts portal or eCourts Services mobile app
Common Status Updates
Under verification
File retrieved
Copy prepared
Ready for collection
10) Important Tips to Remember
Always confirm the correct court before applying
Carry multiple ID proofs
Keep extra photocopies
Retain your receipt until you collect the copy
Legal Reminder
The Divorce Certificate proves the marriage has ended
For details like alimony or child custody, the full Divorce Decree must be referred to
For International Use
You may need attestation or apostille from:
State authorities
Ministry of External Affairs (MEA)
11) Quick Checklist Before Submission
✔ Application form filled correctly ✔ Valid ID proof (original + copy) ✔ Case number or party details provided ✔ Proof of entitlement ✔ Court fee ready ✔ Extra photocopies ✔ Receipt safely kept ✔ Contact details mentioned
THANK YOU!!!
भारत में तलाक प्रमाण पत्र (Divorce Certificate) की पूरी जानकारी
1) तलाक प्रमाण पत्र क्या होता है?
तलाक प्रमाण पत्र एक आधिकारिक न्यायालय दस्तावेज़ होता है, जो यह पुष्टि करता है कि विवाह कानूनी रूप से समाप्त हो चुका है। भारत में यह दस्तावेज़ वास्तव में फैमिली कोर्ट द्वारा जारी किए गए तलाक आदेश (Divorce Decree) की प्रमाणित सत्य प्रति (Certified True Copy) होता है।
इसमें आमतौर पर क्या जानकारी होती है
पति और पत्नी के पूरे नाम
न्यायालय (कोर्ट) का नाम
तलाक दिए जाने की तारीख
केस नंबर और संबंधित विवरण (यदि अनुरोध किया गया हो)
महत्वपूर्ण जानकारी
विवाह को कानूनी रूप से समाप्त करने वाला आदेश Divorce Decree कहलाता है। जब आप “Divorce Certificate” मांगते हैं, तो कोर्ट इसी आदेश की प्रमाणित प्रति जारी करता है, जिसे तलाक के प्रमाण के रूप में उपयोग किया जाता है।
2) तलाक प्रमाण पत्र क्यों ज़रूरी है?
तलाक प्रमाण पत्र इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह:
आधिकारिक रूप से साबित करता है कि आप कानूनी रूप से तलाकशुदा हैं
दोबारा विवाह करने के लिए आवश्यक होता है (भारत या विदेश में)
पासपोर्ट अपडेट, वीज़ा और इमिग्रेशन मामलों में ज़रूरी होता है
बैंक, बीमा कंपनी, नियोक्ता और स्कूल रिकॉर्ड अपडेट कराने में मदद करता है
संपत्ति संबंधी मामलों, नाम परिवर्तन और सरकारी दस्तावेज़ों के लिए आवश्यक होता है
अंतरराष्ट्रीय उपयोग के लिए इस पर अटेस्टेशन या एपोस्टिल की आवश्यकता पड़ सकती है
3) आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़
अनिवार्य दस्तावेज़
आमतौर पर निम्न दस्तावेज़ चाहिए होते हैं:
प्रमाणित प्रति (Certified Copy) के लिए आवेदन
उस फैमिली कोर्ट में लिखित आवेदन जहाँ से तलाक मिला था
कोर्ट केस का विवरण (यदि उपलब्ध हो)
केस नंबर और तलाक का वर्ष
पहचान प्रमाण (कोई एक)
आधार कार्ड
पासपोर्ट
वोटर आईडी या अन्य वैध सरकारी पहचान पत्र
मूल तलाक आदेश या निर्णय की प्रति
यदि आपके पास पहले से मौजूद हो
अधिकार का प्रमाण (Proof of Entitlement)
ऐसा आईडी प्रूफ जिससे यह साबित हो कि आप पति या पत्नी हैं
शपथ पत्र (यदि कोर्ट मांगे)
वैकल्पिक / अतिरिक्त दस्तावेज़ (यदि आवश्यक हो)
कुछ अदालतें या प्राधिकरण यह भी मांग सकते हैं:
विवाह प्रमाण पत्र
जीवनसाथी का पहचान पत्र (यदि उपलब्ध हो)
आवेदन के उद्देश्य को स्पष्ट करने वाला शपथ पत्र
पावर ऑफ अटॉर्नी (यदि कोई और आपकी ओर से आवेदन कर रहा हो)
पता प्रमाण
अनुवादित दस्तावेज़ (विदेशी उपयोग के लिए)
सभी दस्तावेज़ों की अतिरिक्त फोटोकॉपी
4) कौन आवेदन कर सकता है (पात्रता)
तलाक से जुड़े पति या पत्नी में से कोई भी आवेदन कर सकता है
अधिकृत प्रतिनिधि, उचित अनुमति के साथ, आवेदन कर सकता है
कोई आयु सीमा या चिकित्सीय शर्त नहीं होती
क्षेत्राधिकार नियम
आवेदन केवल उसी फैमिली कोर्ट में किया जा सकता है जिसने तलाक का आदेश जारी किया हो।
महत्वपूर्ण सुझाव
यह सुनिश्चित करें कि निम्न सभी में जानकारी बिल्कुल समान हो:
पहचान पत्र
आवेदन फॉर्म
कोर्ट रिकॉर्ड
नाम, जन्मतिथि या वर्तनी में अंतर होने से अक्सर देरी हो जाती है।
5) तलाक प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कैसे करें?
तलाक प्रमाण पत्र फैमिली कोर्ट द्वारा जारी किया जाता है, न कि नगर निगम द्वारा।
A) ऑफलाइन तरीका (सबसे आम)
महाराष्ट्र में यह सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला तरीका है।
चरण-दर-चरण प्रक्रिया
उस फैमिली कोर्ट में जाएँ जहाँ से तलाक मिला था
कोर्ट के रजिस्ट्री विभाग में जाएँ
केस नंबर या पति-पत्नी का नाम और तलाक का वर्ष बताएं
प्रमाणित प्रति के लिए आवेदन फॉर्म भरें
आवश्यक दस्तावेज़ों की फोटोकॉपी संलग्न करें
निर्धारित कोर्ट फीस जमा करें
रसीद प्राप्त करें, जिसमें संभावित तारीख दी होगी
तय तारीख पर आकर प्रमाणित प्रति प्राप्त करें
उपयोगी सुझाव
विशेष रूप से Divorce Decree और Judgment की Certified True Copy माँगें
मूल दस्तावेज़ और फोटोकॉपी दोनों साथ रखें
B) ऑनलाइन तरीका (जहाँ उपलब्ध हो)
कुछ फैमिली कोर्ट eCourts पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन सुविधा प्रदान करते हैं।
सामान्य प्रक्रिया
eCourts पोर्टल पर जाएँ
केस नंबर या पक्षकार के नाम से खोज करें
प्रमाणित प्रति के लिए आवेदन करें (यदि आपके कोर्ट में उपलब्ध हो)
ऑनलाइन फीस जमा करें
निर्देशानुसार कॉपी डाउनलोड करें या प्राप्त करें
नोट: सभी फैमिली कोर्ट ऑनलाइन आवेदन का समर्थन नहीं करते। कई मामलों में ऑफलाइन आवेदन ही करना पड़ता है।
6) आवेदन के बाद क्या होता है?
कोर्ट की प्रक्रिया
आपकी पहचान और अधिकार की जाँच
रिकॉर्ड से मूल केस फाइल निकालना
प्रमाणित प्रति तैयार करना
कोर्ट अधिकारी द्वारा मुहर और हस्ताक्षर
प्रमाणित प्रति जारी करना
7) प्रोसेसिंग समय
ऑफलाइन आवेदन: आमतौर पर 10–30 कार्य दिवस
ऑनलाइन आवेदन: लगभग 7–21 दिन (जहाँ उपलब्ध हो)
पुराने मामलों में फाइल आर्काइव से मंगाने के कारण अधिक समय लग सकता है।
8) शुल्क (अनुमानित)
कोर्ट फीस सामान्यतः बहुत कम होती है (अक्सर कुछ सौ रुपये)
ऑनलाइन आवेदन में सेवा या डिलीवरी शुल्क जुड़ सकता है
भुगतान के तरीके
कोर्ट काउंटर पर नकद
डिमांड ड्राफ्ट (यदि स्वीकार किया जाए)
ऑनलाइन भुगतान (जहाँ उपलब्ध हो)
देर से आवेदन करने पर कोई जुर्माना नहीं होता, लेकिन बहुत पुराने रिकॉर्ड में समय अधिक लग सकता है।
9) आवेदन की स्थिति कैसे जानें?
ऑफलाइन ट्रैकिंग
कोर्ट रजिस्ट्री में जाएँ
रसीद नंबर और जमा करने की तारीख दिखाएँ
ऑनलाइन ट्रैकिंग
eCourts पोर्टल या eCourts Services मोबाइल ऐप पर स्टेटस देखें
सामान्य स्टेटस अपडेट
जाँच के अधीन
फाइल प्राप्त की गई
कॉपी तैयार
संग्रह के लिए तैयार
10) याद रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें
आवेदन से पहले सही कोर्ट की पुष्टि करें
एक से अधिक पहचान पत्र साथ रखें
अतिरिक्त फोटोकॉपी रखें
प्रमाणित प्रति मिलने तक रसीद संभालकर रखें
कानूनी जानकारी
तलाक प्रमाण पत्र यह साबित करता है कि विवाह समाप्त हो चुका है
भरण-पोषण (अलिमनी) या बाल अभिरक्षा जैसे विवरणों के लिए पूरे तलाक आदेश (Divorce Decree) को देखना आवश्यक होता है
अंतरराष्ट्रीय उपयोग के लिए
आपको निम्न से अटेस्टेशन या एपोस्टिल की आवश्यकता हो सकती है:
राज्य प्राधिकरण
विदेश मंत्रालय (MEA)
11) आवेदन से पहले त्वरित चेकलिस्ट
✔ आवेदन फॉर्म सही तरीके से भरा गया ✔ वैध पहचान पत्र (मूल + कॉपी) ✔ केस नंबर या पक्षकार का विवरण दिया गया ✔ अधिकार का प्रमाण ✔ कोर्ट फीस तैयार ✔ अतिरिक्त फोटोकॉपी ✔ रसीद सुरक्षित रखी गई ✔ संपर्क विवरण उल्लेखित
THANK YOU!!!
भारतातील घटस्फोट प्रमाणपत्र (Divorce Certificate) – संपूर्ण मार्गदर्शक
1) घटस्फोट प्रमाणपत्र म्हणजे काय?
घटस्फोट प्रमाणपत्र हे न्यायालयाने दिलेले अधिकृत दस्तऐवज असते, जे विवाह कायदेशीररित्या संपुष्टात आला आहे, याची पुष्टी करते. भारतामध्ये हे प्रमाणपत्र प्रत्यक्षात फॅमिली कोर्टाने दिलेल्या घटस्फोट आदेशाची (Divorce Decree)प्रमाणित खरी प्रत (Certified True Copy) असते.
यात सामान्यतः कोणती माहिती असते
पती व पत्नीचे संपूर्ण नाव
न्यायालयाचे (कोर्टचे) नाव
घटस्फोट मंजूर झाल्याची तारीख
केस क्रमांक व संबंधित तपशील (गरज असल्यास)
महत्त्वाची नोंद
विवाह संपवणाऱ्या कायदेशीर आदेशाला Divorce Decree म्हणतात. जेव्हा तुम्ही “Divorce Certificate” मागता, तेव्हा न्यायालय या आदेशाची प्रमाणित प्रत देते, जी घटस्फोटाचा अधिकृत पुरावा म्हणून वापरली जाते.
2) घटस्फोट प्रमाणपत्र का महत्त्वाचे आहे?
घटस्फोट प्रमाणपत्र आवश्यक आहे कारण ते:
तुम्ही कायदेशीररित्या घटस्फोटित आहात हे अधिकृतरीत्या सिद्ध करते
पुन्हा विवाह करण्यासाठी आवश्यक असते (भारत किंवा परदेशात)
पासपोर्ट अपडेट, व्हिसा व इमिग्रेशन प्रकरणांमध्ये लागते
बँक, विमा कंपन्या, नियोक्ता व शैक्षणिक संस्थांमधील नोंदी अद्ययावत करण्यासाठी उपयोगी ठरते
मालमत्ता व्यवहार, नाव बदल व सरकारी कागदपत्रांसाठी आवश्यक असते
आंतरराष्ट्रीय वापरासाठी अटेस्टेशन किंवा अपोस्टिल लागण्याची शक्यता असते
3) अर्जासाठी आवश्यक कागदपत्रे
अनिवार्य कागदपत्रे
सामान्यतः खालील कागदपत्रांची आवश्यकता असते:
प्रमाणित प्रतीसाठी अर्ज (Application for Certified Copy)
घटस्फोट ज्या फॅमिली कोर्टाने दिला आहे, तिथे सादर केलेला लेखी अर्ज
कोर्ट केसचा तपशील (उपलब्ध असल्यास)
केस क्रमांक व घटस्फोटाचे वर्ष
ओळखपत्र (कोणतेही एक)
आधार कार्ड
पासपोर्ट
मतदान ओळखपत्र किंवा इतर वैध सरकारी ओळखपत्र
मूळ घटस्फोट आदेश / निकालाची प्रत
आधीपासून उपलब्ध असल्यास
हक्काचा पुरावा (Proof of Entitlement)
अर्जदार हा पती किंवा पत्नी आहे हे दर्शवणारे ओळखपत्र
प्रतिज्ञापत्र (Affidavit)
न्यायालयाने मागितल्यास
ऐच्छिक / अतिरिक्त कागदपत्रे (गरज असल्यास)
काही न्यायालये किंवा प्राधिकरण पुढील कागदपत्रेही मागू शकतात:
विवाह नोंदणी प्रमाणपत्र
जोडीदाराचे ओळखपत्र (उपलब्ध असल्यास)
अर्जाचा उद्देश स्पष्ट करणारे प्रतिज्ञापत्र
पावर ऑफ अटर्नी (इतर व्यक्ती अर्ज करत असल्यास)
पत्त्याचा पुरावा
अनुवादित कागदपत्रे (परदेशी वापरासाठी)
सर्व कागदपत्रांच्या अतिरिक्त छायाप्रती
4) अर्ज कोण करू शकतो? (पात्रता)
घटस्फोटात सहभागी असलेला पती किंवा पत्नी कोणताही अर्ज करू शकतो
योग्य परवानगीसह अधिकृत प्रतिनिधी अर्ज करू शकतो
कोणतीही वयोमर्यादा किंवा वैद्यकीय अट नाही
अधिकार क्षेत्राचा नियम
अर्ज फक्त ज्या फॅमिली कोर्टाने घटस्फोटाचा आदेश दिला आहे, तिथेच करावा लागतो.
महत्त्वाचा सल्ला
खालील सर्व ठिकाणी माहिती अगदी तंतोतंत जुळते याची खात्री करा:
ओळखपत्रे
अर्जाचा फॉर्म
न्यायालयीन नोंदी
नाव, जन्मतारीख किंवा स्पेलिंगमध्ये फरक असल्यास प्रक्रियेला विलंब होतो.
5) घटस्फोट प्रमाणपत्रासाठी अर्ज कसा करावा?
घटस्फोट प्रमाणपत्र फॅमिली कोर्टाकडून दिले जाते, महानगरपालिका किंवा नगरपरिषदेकडून नाही.
A) ऑफलाइन पद्धत (सर्वात सामान्य)
महाराष्ट्रात ही पद्धत सर्वाधिक वापरली जाते.
टप्प्याटप्प्यांची प्रक्रिया
ज्या फॅमिली कोर्टाने घटस्फोट दिला आहे, तिथे भेट द्या
कोर्टाच्या रजिस्ट्रेशन / रजिस्ट्री विभागात जा
केस क्रमांक किंवा पती-पत्नीची नावे व घटस्फोटाचे वर्ष सांगा
प्रमाणित प्रतीसाठी अर्जाचा फॉर्म भरा
आवश्यक कागदपत्रांच्या छायाप्रती जोडा
ठरलेली कोर्ट फी भरा
अपेक्षित तारीख नमूद असलेली पावती घ्या
दिलेल्या तारखेला पुन्हा येऊन प्रमाणित प्रत घ्या
उपयुक्त सूचना
स्पष्टपणे Divorce Decree आणि Judgment ची Certified True Copy मागा
मूळ कागदपत्रे आणि छायाप्रती दोन्ही सोबत ठेवा
B) ऑनलाइन पद्धत (जिथे उपलब्ध असेल)
काही फॅमिली कोर्टांमध्ये eCourts पोर्टल द्वारे ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध आहे.
सर्वसाधारण प्रक्रिया
eCourts पोर्टलला भेट द्या
केस क्रमांक किंवा पक्षकाराच्या नावाने शोध घ्या
प्रमाणित प्रतीसाठी अर्ज करा (तुमच्या कोर्टासाठी उपलब्ध असल्यास)
शुल्क ऑनलाइन भरा
सूचनेनुसार प्रत डाउनलोड करा किंवा प्राप्त करा
टीप: सर्व फॅमिली कोर्टांमध्ये ऑनलाइन अर्जाची सुविधा नसते. अशा वेळी ऑफलाइन अर्ज करणे आवश्यक असते.
6) अर्ज केल्यानंतर पुढे काय होते?
न्यायालयीन प्रक्रिया
तुमची ओळख व हक्काची तपासणी
नोंदीतून मूळ केस फाइल काढणे
प्रमाणित प्रत तयार करणे
न्यायालयीन अधिकाऱ्याची अधिकृत मोहर व सही
प्रमाणित प्रत जारी करणे
7) प्रक्रिया पूर्ण होण्यास लागणारा कालावधी
ऑफलाइन अर्ज: साधारणपणे 10 ते 30 कार्यदिवस
ऑनलाइन अर्ज: सुमारे 7 ते 21 दिवस (जिथे उपलब्ध असेल)
खूप जुनी प्रकरणे असल्यास फाइल संग्रहातून काढावी लागते, त्यामुळे वेळ अधिक लागू शकतो.
8) शुल्क (अंदाजे)
कोर्ट फी सहसा नाममात्र असते (बहुतेक वेळा काहीशे रुपये)
ऑनलाइन अर्जामध्ये सेवा किंवा वितरण शुल्क लागू शकते
शुल्क भरण्याचे मार्ग
कोर्ट काउंटरवर रोख
डिमांड ड्राफ्ट (स्वीकारल्यास)
ऑनलाइन पेमेंट (उपलब्ध असल्यास)
उशिरा अर्ज केल्यास दंड नसतो, मात्र फार जुने रेकॉर्ड असल्यास वेळ जास्त लागू शकतो.
9) अर्जाची स्थिती कशी तपासावी?
ऑफलाइन ट्रॅकिंग
कोर्टाच्या रजिस्ट्री विभागात भेट द्या
पावती क्रमांक व अर्जाची तारीख दाखवा
ऑनलाइन ट्रॅकिंग
eCourts पोर्टल किंवा eCourts Services मोबाईल अॅपवर स्थिती तपासा
सामान्य स्थिती संदेश
पडताळणी सुरू आहे
फाइल मिळवली आहे
प्रत तयार आहे
घेण्यासाठी तयार
10) लक्षात ठेवण्यासारख्या महत्त्वाच्या गोष्टी
अर्ज करण्यापूर्वी योग्य कोर्टाची खात्री करा
एकापेक्षा जास्त ओळखपत्रे सोबत ठेवा
अतिरिक्त छायाप्रती जवळ ठेवा
प्रमाणित प्रत मिळेपर्यंत पावती जतन करून ठेवा
कायदेशीर सूचना
घटस्फोट प्रमाणपत्र हे विवाह संपुष्टात आल्याचा पुरावा आहे
पोटगी, बालसंगोपन किंवा इतर अटींसाठी संपूर्ण Divorce Decree पाहणे आवश्यक असते
आंतरराष्ट्रीय वापरासाठी
खालील ठिकाणांहून अटेस्टेशन किंवा अपोस्टिल लागू शकते:
राज्य शासन प्राधिकरण
परराष्ट्र व्यवहार मंत्रालय (MEA)
11) अर्ज सादर करण्यापूर्वी झटपट तपासणी यादी
✔ अर्जाचा फॉर्म अचूक भरलेला आहे ✔ वैध ओळखपत्र (मूळ + प्रत) ✔ केस क्रमांक किंवा पक्षकारांचा तपशील दिलेला आहे ✔ हक्काचा पुरावा जोडलेला आहे ✔ कोर्ट फी तयार आहे ✔ अतिरिक्त छायाप्रती उपलब्ध आहेत ✔ पावती सुरक्षित ठेवलेली आहे ✔ संपर्क माहिती नमूद केलेली आहे